मेरी कलम
मेरी कलम मेरी अरमान है, मेरी शान है, मेरी कलम मेरी पहचान है।। मेरा विश्वास है, मेरी भक्ति है, मेरी कलम मेरी शक्ति है।। मेरी ताज है, मेरा हमराज है, मेरी कलम मेरी आवाज है।। मेरा मित्र है, मेरा साथी है, मेरी कलम मेरा हमराही है।। मेरी आह है, मेरे मन की भाव है, मेरी कलम मेरी जज्बात है।। मेरी उम्मीद है, मेरे भविष्य की आधारशिला है, मेरी कलम मेरे हौसलें की उड़ान हैं।।। गुड़िया कुमारी पुर्णिया बिहार